Sunday, 15 January 2017

Bhensh ka gobar bna janta ke liye musibat

हमारे लपूझन्ना न्यूज़ मैगजीन के संवाददाता छज्जूमल चौधरी ने औरैया की जनता से उनकी भैंस के गोबर से होने वाली परेशानी के बारे में पूंछ तो एक समाजसेवी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया की पड़ोसी जिले इटावा की कुछ भेंसे यहाँ आकर गोबर कर जाती है, और ये पूरी तरह से राजनीतिक षड्यंत्र का हिस्सा है, क्योंकि भेंसे जाते जाते रोड पर हरे और लाल रंग की दो रेखएं खिंचती हुयी जाती है और जहां भी हाथी का चित्र या नीला रंग देखती है वह पर जरूर गोबर करती है, उनके गोबर की गंध से हमारे यहाँ के गोबर की गंध मैच नही करती लिहाज हमारी भेंसे भी अब दूध कम देने लगी है